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महाशिवरात्रि पर महाकाल मंदिर में उमड़ेगा भक्तों का सैलाब, प्रशासन ने किए भव्य इंतज़ाम: गुरुवार को मंदिर प्रशासक ने नई प्रशासनिक टीम के साथ की बैठक, दिए सख्त निर्देश
उज्जैन लाइव, उज्जैन, श्रुति घुरैया:
गुरुवार को मंदिर प्रशासक ने नई प्रशासनिक टीम के साथ बैठक कर उन्हें सख्त निर्देश दिए। दरअसल, 26 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में लाखों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए उमड़ेंगे। इस दिव्य और अलौकिक आयोजन को व्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने विशेष रणनीति तैयार की है। ऐसे में गुरुवार को मंदिर प्रशासक ने नई प्रशासनिक टीम के साथ बैठक कर सख्त निर्देश दिए ताकि भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तय किया गया है कि 200 अतिरिक्त जवानों की तैनाती की जाएगी। इसके लिए क्रिस्टल कंपनी को निर्देश दिए गए हैं। होमगार्ड जवानों की भी तैनाती होगी ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और भक्त निर्भय होकर भगवान महाकाल के दर्शन कर सकें।
वहीं, तय किया गया है कि श्रद्धालुओं को भील समाज धर्मशाला के पास से प्रवेश मिलेगा, जहां से उन्हें करीब 2.5 किमी पैदल चलना पड़ेगा। लेकिन चिंता की कोई बात नहीं होगी, क्योंकि भक्तों की सुविधा के लिए जल सेवा, वॉशरूम और भजन मंडलियों की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे उनकी यह यात्रा और भी भक्तिमय हो जाएगी।
जानकारी के लिए बता दें, महाशिवरात्रि पर महाकाल के दर्शन के लिए दो विशेष मार्ग बनाए गए हैं। एक सामान्य दर्शन का होगा और दूसरा वीआईपी दर्शन के लिए।
सामान्य दर्शन: भील समाज धर्मशाला से प्रवेश कर श्रद्धालु चारधाम मंदिर पार्किंग, शक्ति पथ, त्रिवेणी संग्रहालय, नंदी द्वार भवन, फेसेलिटी सेंटर होते हुए गणेश मंडपम् से महाकाल के दर्शन कर सकेंगे। दर्शन के बाद वे नई टनल से बाहर निकलेंगे।
वीआईपी दर्शन: नीलकंठ द्वार से प्रवेश मिलेगा, जहां से वे त्रिनेत्र, शंखद्वार, कोटितीर्थ कुंड से होते हुए सभा मंडपम् से मंदिर में प्रवेश करेंगे। दर्शन के बाद नीलकंठ द्वार से बाहर निकलेंगे।